गुरु पूर्णिमा एवं सावन विशेष पर भव्य कवि सम्मेलन का सफल आयोजन
अक्षर भारती साहित्य संस्थान एवं “सफर स्याही का” के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा एवं सावन विशेष के पावन अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्य और संस्कृति को समर्पित इस आयोजन ने उपस्थित श्रोताओं के हृदय पर अमिट छाप छोड़ी।

कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत आदरणीय डी.पी. सर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात युवा रचनाकारों पीयूष, मयंक, विमल, सत्यम, आदर्श, सुनील, अमन गुप्ता, अभिजीत कौर, इशिता भटी तथा खुशबू ने अपनी उत्कृष्ट कविताओं और रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम में श्री शिवकुमार बिलग्रामी,कवि विवेक कवीश्वर, श्री डी.पी. सिंह तथा श्री राजपाल सिंह चौहान विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन सभी साहित्यकारों के सान्निध्य ने आयोजन को और भी गरिमामयी एवं यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सहज संचालन आदर्श आदी जी ने किया। उनकी मंच-संचालन शैली ने पूरे कार्यक्रम को अनुशासित, जीवंत और रोचक बनाए रखा।
दिल्ली एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी ओजस्वी, श्रृंगार, हास्य एवं भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर साक्षी पंचाल जी ने अपनी मधुर एवं सुरीली आवाज़ में सत्यम शिवम् सुंदरम् गीत प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।

कार्यक्रम के अंत में “सफर स्याही का” की ओर से चयनित
टॉप 6 कलाकारों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रमाण-पत्र एवं सम्मान-पुरस्कार प्रदान किए गए। यह सम्मान आदरणीय अक्षय जैन जी एवं कवि विवेक कवीश्वर जी के करकमलों द्वारा वितरित किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाले सभी युवा रचनाकारों ने इस सम्मान को अपने साहित्यिक जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया।
यह आयोजन केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति, गुरु-परंपरा और युवा प्रतिभाओं के सम्मान का एक सुंदर संगम सिद्ध हुआ। उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों ने इस आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों की निरंतरता की कामना व्यक्त की।

